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Showing posts from May, 2017

क्यों किया परशुराम ने २१ बार क्षत्रियों का सफाया?

भगवान विष्णु के छटे अवतार परशुराम जी थे।  भगवान परशुराम भारतीय पौराणिक और धार्मिक पात्रों में से सबसे ज्यादा रहस्यमय और  विवादित पात्रों में से एक है।  विवादित इसलिए क्योंकि इनका नाम जुड़ा है हिन्दू धर्म के एक महत्वपूर्ण वर्ण 'क्षत्रियों' से।  क्षत्रियों से चरम की शत्रुता लेने के लिए परशुराम चिरकाल से जाने जाते है।  महत्वपूर्ण जानने योग्य बात ये है की इनका नाम 'राम' है, लेकिन परशु नामक शस्त्र धारण करने से 'परशुराम' कहलाए।  यह परशु इन्हे साक्षात् भगवान शंकर ने दिया था।  अब ये जानते है की क्यों हुआ क्षत्रियों से बैर ? क्षत्रियों (राजाओं) से शत्रुता का कारण:  भगवान परशुराम ऋषि जमदग्नी और सति रेणुका  की संतान थे।   'अक्षय तृतीया'   के  दिन परशुराम का जन्म हुआ था।  जन्म से परशुराम ब्राह्मण थे।  जमदग्नी के तपस्या के कारण साक्षात् विष्णु ने ही परशुराम के रूप में उनके यहाँ अवतार लिया।  परशुराम गंभीर स्वभाव के और पिता के अनन्य भक्त थे।  जमदग्नी के तप के प्रभाव से परिचित होने के कारण परशुराम के मन में उनके लिए बहुत...

कौनसे कौशल अपनाने से आप रहेंगे Web Development में आगे !

आजके डिजिटल युग में सब चीजें online होती जा रही है।  सीखने  से लेकर व्यापार करने तक के लिए सभी सुविधाएं ऑनलाइन इंटरनेट पर अब मिल जाती है।  यही कारण है इंटरनेट का विस्तार भारत जैसे देश में भी दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। इस इंटरनेट के युग में जिस तरह जानकारी पाना आसान हो गया है उसी तरह Career करियर बनाने के नए रास्ते भी खुल गए है।  वेब डेवलपमेंट एक ऐसा क्षेत्र है जहां आए दिन  कुछ न कुछ नया होता है।  इस क्षेत्र में हर  दिन कुशल Manpower की आवश्यकता  बढ़ती ही जा रही है। किसीभी क्षेत्र में सफल होने के लिए जरुरी है की आपमें सफल होने के कुशलता हो। इस क्षेत्र में सफल होने के लिए  लिए आज आपको कौनसे कौशल अपनाने चाहिए इसके विषय में हिंदी  में जानकारी ज्यादा नहीं है।  मैं साझा करूँगा आपके साथ 

क्या हुआ जब ब्रह्माजी ने चुरा लिया श्रीकृष्ण के बछड़ों को!

एक दिन बालक रूप में नन्हें भगवान् श्रीकृष्ण अपने मित्रों के साथ दोपहर को बछड़े चरा  रहे थे | समय दोपहर का था | सुबह ही श्रीकृष्ण ने अघासुर नामक राक्षस (जो अजगर का रूप लेकर ग्वालबालों को श्रीकृष्ण के साथ निगलने आया था) का वध कर दिया था।  जब दोपहर हुई तो यमुना के तट पर सुहावनी जगह देखकर श्रीकृष्ण अपने सखाओं के साथ भोजन के लिए बैठ गए।  सभी बालकों ने बछड़ों को चरने के लिए खुला ही छोड़ दिया था। उसी समय ब्रह्माजी ने उन बछड़ों को चुराकर छुपा दिया।  सुबह की बालक श्रीकृष्ण की लीला देखकर ब्रह्माजी विस्मय में थे।   उन्हें भगवान के माया की और भी लीलाएं देखने का मन हुआ।  इसीलिए उन्होंने बछड़ों को छुपा लिया। जब ग्वालबालों ने देखा की बछड़े दिख नहीं रहे तब श्रीकृष्ण ने कहा की, "आप लोग भोजन करते रहिये।  मैं अभी जंगल के अंदर जाकर बछड़ों को खोज लाता हूँ। " ऐसा कहकर श्रीकृष्ण बछड़ों को खोजने निकल पड़े। इधर ब्रह्माजी ने अच्छा मौका देखकर अपनी माया से सभी ग्वालबालकों को छुपा लिया।  श्रीकृष्ण सब समझ गए की ब्रह्माजी का मन रजोगुण के कारण मोहित हो गया है । आखिर में वो भी तो भगवा...

Top websites to learn Web Development online!

Currently, there is a lot of craze among the young people about Web Development. Most of them are seeing it as a new avenue for a great career. No doubt they are true. The world around us is rapidly becoming a type of some Digital or virtual world. Almost everything is becoming dependent on the internet. Let it be, booking a movie ticket or planning a foreign tour or learning a recipe. People are looking into the internet for the solution of almost every problem. Eventually, this makes it an ever growing and a demanding field. Obviously, those people will dominate the internet who know how to develop a website. New needs are arising daily in this field. Every business wants to be a part of this fastest growing digitization and wants its presence online. Young people have a new bright career opportunity as a Web Developer nowadays. I present here some of the excellent online resources where you can learn Web Development and explore the possibility to enter into...